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जगतहितकाऱणी
हरनाकुश वगैरा यह जानते थे कि हमने राक्,सी पाप का स्वर्ग बनाया है, सो वोह लालच में आके भूल हीभूल में मारे गए और बनिये अलाहदा के अलाहदा रहे, कि जिनका कदीभी पाप है। सो देखो भाई, कि जिनको पाप का करना सिखाया था उनको अपने हाथों से मरावाय कि जिनका नाम दुनिया में अब तक, साथ बदी के मशहूर है, कि जो इन बनियों के कहने में आके अपनी औलाद को अपने शामिल ही गारत कराया बलके इन कदीभी पाप करने बवालों के शामिल ही जनम पाया था, परन्तु इन बनियों के जालों का भेद तो उइनको भी नहीं मिला तो तुमको इनके जालों की क्या खबर? क्योंकि तुमको भी और भुलावेंगे; जब तक तुम अंग्रेज भी यह जानोगे कि हम चार कूंट और चौदा भांण में राज करेंगे और तुमसे भी रावण, हरनाकुश वगैरा की तरह से राक्षसी पाप का स्र्ग-नर्क भुला के बनवा देंगे और तुमसे बनवाया भी होगा, अगरचे नहीं बनवाया होगा तो अब बनवा देंगे; जब तुम भी भूल जाओगे, परन्तु ऐसी बात तो तुम लोग भी नहीं सोचते हो कि राक्षसी पाप से बुद्धि तीन लोक की खराब हो जाती है, परन्तु तीन लोक संसार में आदमियों को बोलते है और कहते है परन्तु इतनी बात तो तुम लोग भी नहीं सोचते हो कि हमारी अकल तो राक्षसी पाप से खराब कर दी है; क्योंकि पहले बहुत से राजा बादशाह इसी जाल से मारे गए परन्तु जाल नहीं छूटा, लेकिन यह बात सोचना चाहिए कि जाल तो सौदागर महाजनांन का है कि इन्होंने अगले सती लोगों को मरवाया और तुम अंग्रेजों को भी मरवा देंगे, परन्तु इस बात को तुम अंग्रेज भी बुद्धि कैद होने के सबब से नहीं सोचते हो कि हमको भी मरवा देंगे, क्योंकि आप लोग तो परदेशी हो, इससे आप लोगों को इन बनियों के गली कूंचोंक का रास्ता मलूम नहीं, सो जबकि इन बनियों ने देशी लोगों को ही अपने राक्षसी पाप से मरवा दिया और उनको पता नहीं लगा तो तुमको इनके जालों का पता किस तरह से लगेगा? बलके तुमको भी अपने राक्षसी पाप से भूल ही भूल में रावण, हरनाकुश की तरह से मरवा देंगे और जबकि हिन्दुस्तान में और सब विलायतों में थोड़े-से आदमी रहेंगे जब यह सौदागर बच्चे अपना राज करेंगे। इससे मेरी अर्ज यह है कि अब सातों-आठों विलायतों के लोग और अंग्रेज वगैरा इन बनियों के जालों को दूर कराओगे और ‘‘तुम्हारे बन्दोबस्त से और इकबाल से हिन्दुस्तान के बाल-बच्चे बचेंगे, वरना उम्मेद बचने की नहीं है’’, क्योंकि अपने हाथों से तो नहीं मारते परन्तु दूसरे लोगों को सिखा के उनके हाथों से मरवा देते हैं तो पहले उनको राज करने का लोभ बताते हैं, जब वोह भी भूल जाते हैं और उनको पीढ़ी, दो पीढ़ी या दस पीढ़ी राज कराना मंजूर होता है तो उनका राज करा देते है इससे वोह भूल जाते है, और लालच में आ जाते है तो उनको दगा करके दूसरी विलायतों के लोगों से मरवा देते है और दूसरो को राज करा देते है। परन्तु जिनको कि राज करा देते हैं वोह बहुत खुश होते है और जिनको कि गारत करा देते हैं तो फिर उनको और उनकी औलाद को ऐसा खराब कर देते हैं कि जो रोटी-कपड़ा भी नहीं मिलता है; परन्तु अब जो मैंने सौदागर लोगों की बात प्रगट की है तो अब यह बनिये तुमको भुलाके राक्षसी पाप तुम्हारे हाथों से करावेंगे और जबके सातों-आठों विलायतों को इसी तरह से खराब कर देंगे जब अपना राज करेंगे। इससे तुम लोगों को अपने बच्चों की तरफ ख्याल करके इन बनियों बेईमानों के कहने से इस राक्षसी पाप को नहीं करना चाहिए और इन्हों का राक्षसी पाप दफे कराओ, क्योंकि जब सब विलायतों में कम आदमी रहेंगे तो फिर तुम्हारे बच्चों को इनके राक्षसी पाप से कौन छोड़ावेगा? इस वजह से इन्हों का जाल अभी दफे कराओ, क्योंकि जो लाख पीढ़ी तक औलाद अपनी ही राक्षसी पाप से गारत होती है; और जब तक औलाद सलामत है जब तक तुम लोगों का नाम भी अमर है और अमर ही हो, और जोकि औलाद है वोह अमर बीज है और जब तक कि जमीन-आसमान है जब तक तो आदमी बंदा की औलाद अमर है, परन्तु जब से कि काफिर विद्या का जाल चला है जबसे बे-औलाद रह जाते हैं और कच्ची उमर में मर जाते हैं। सो यह जादू का सबब है और अब जो जमीन के पेट में सांप , बिच्छू, टिड़ वगैरा पैदा हो जाते है, सो यह रोग चाले से होते है कि जमीन को फाड़के पोली कर देते हैं; सो यह बात इस तरह से है
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