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जगतहितकाऱणी
से दुसरी विलायत के लोगों की अकल भी अपने राक्षसी जादू से खराब कर देंगे कि जो तुम लोग भी इनके जालों को नहीं पहचानोगे और न कुछ शुभा करोगे। इसी सबब से मैं तुमको पहले से वाकिफ करता हूँ कि इन सौदागर बच्चों के ऐसे-2 बड़े जादू हैं कि जिसके जरिए से जिस मुलक का धन खेंचना चाहते है तो उसको अपने राक्षसी पाप के जादू से खेंच के अपने कब्जे में कर लेते हैं, परन्तु पहले उनकी अकल फेर लेते है जिससे वोह अपने मुलक के धन को भूल जाते हैं परन्तु जिस तरह से कि हिन्दुस्तान के लोगों की अकल खराब करके गारत किए है, उसी तरह से कुल विलायतों के लोगों की अकल खराब कर देंगे और मुलकों के लोगों को गारत करे अपना राज करेंगे, क्योंकि जन लोगों ने इन सौदागर बच्चों के शामिल जनम पाया है, तो इन्हों के साथ में ही कुछ अशराफत नहीं की तो तुम लोगों के साथ ें तो क्या अशराफत करेंगे? बलके तुम लोगों को भी गारत करेंगे और अपने राक्षसी पाप का करना नहीं छोड़ेंगे और न बतावेंगे, क्योंकि इन बनियों का दिल इस तरह पर है कि चार कूंट और चौदा भांण में हम अपना राज करेंगे कि जैसा रावण का दिल था। फिर इशी सबब से यह सौदागर बच्चे दरियाओं के उपर अपना राक्षसी पाप रावण की तरह से करा रहे हैं, और तुम सातों-आठों विलायतों के राजा बादशाहों को और अंग्रेजों को यह सौदागर बच्चे अपने राक्षसी पाप से बर्बाद कर देंगे और अपना जाल जाहिर न होने के लिए यह बनिये कुल विलायतों के लोगों से राक्षसी पाप करावेंगे, परन्तु तुमको रस्ता और कायदा इसका बतावेंगे कि जिससे तुम वैसा ही करने लगोगे। सो इस बात का मुद्दा इन्होंने यह सोचा है कि जब राक्षसी पाप की खबर होगी और दूसरी बादशाहत के लोग करते होंगे तो हमारा जाल प्रगट और मालूम नहीं होगा और अपना जाल समझके कुछ बन्दोबस्त नही करेंगे, तो हमारा राक्षसी पाप अच्छी तरह से चलता रहेगा; और जो खबर भी होगी तो उन लोगों का ही नाम होगा और उनके ही बच्चे रावण, हरनाकुश वगैरा की तरह से मारे जावेंगे, इस वजह से पाप का करना थोड़ा-सा दूसरे मुलक के लोगों को ी सिखा देते है और कुछ का कुछ सुझा देते है। परन्तु यह सौदागर बच्चे आप अलाहदा के अलाहदा रह जावेंगे और अपने राक्,सी पाप की खबर नहीं पड़ने देंगे, क्योंकि असली पाप को अपने कब्जे में रखते हैं, सो वोह किसी को नहीं बताते है और न सिखाते है लेकिन सौदागर बच्चों के जाल की खबर मुझको तो इस तरह से पड़ी है कि इन सौदागर बच्चों ने मुझको अपने राक्षसी पाप से दुखी किया है, इससे मेरी तमाम जहान के बच्चों को आराम हासिल होने के लिए सातों-आठों विलायतों के लोगों से हाथ जोड़ के अरज है कि जो किताबें हिन्दू-मुसलमानों के घरों में है और उनमें यह हालात लिखी हुई है कि ‘आदमी’ खावेगा, वोह किताबें इन बनियों के घर की हैं, परन्तु इन बनियं ने ्पनी अकलमंदी से हिन्दू-ुसलमान के बुर अतीत फकीरों के नाम उन किताबों में लिख दिए है जिससे मानते हैं, और यह नहीं समझते है कि यह बनियें महाजनांन के घर का जाल है और हिन्दुस्तान इनके जालों से गारत हो गई है। इसी तरह से सातों-आठों विलायतों को गारत करेगे, इससे मुझको बड़ा सोच है कि अभी आप सातों-आठों विलायतों के लोगों को इन बनियों के जाल की बिलकुल खबर नहीं है, सो मैं तुम सातों-आठों विलायतों के लोगों को वाकिफ करता हूँ कि दुनिया में यह जितनी खराबियाँ और कम उमर में जो मौत हो जाती है, यह सब बनियों के राक्षसी पाप से होती है क्योंकि हिन्दुस्तान तो इशी सबब से खराब हो चुकी है और रही सही है उसको अब गारत कर देंगे। इससे मैं तुम लोगों को वाकिफ करता हूँ और कहता हूँ कि समझो और इनके लालच देने में मत आओ बलके इन्हों के जाल दफे करने का बन्दोबस्त दिल से करो, ताकि इन सौदागर बच्चों के जाल से हमको और तुम सातों आठों विलायतों के लोगों को सुख प्राप्त हासिल होवे; अगरचे जाल के दफे करने का बन्दोबस्त नहीं हुआ, तो यह सौदागर बच्चे सातों-आठों विलायतों के लोगों को अपने राक्,सी पाप से गारत करेंगे कि जैसा किताबों में लिखा है, और बाद गारत होने, सातों-आठों विलायतों के यह सौदागर बच्चे अपना राज करेंगे। इस वजह से इन्होंने यह राक्षसी पाप चलाया है,
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