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जगतहितकाऱणी
सो उसकी तलाश करो, क्योंकि ‘बगेर किसी के ले जाए हुए तो धन नहीं जा सकता, फिर कहाँ गया ? धन कोई आदमी थोड़ा ही है, कि जो उठकर चला गया ?’ वो तो मिसाल पत्थर के है, बगैर ले जाने के जा नहीं सकता, जिसकी तलाश करो; क्योंकि बनियों ने राक्षसी पाप के जादू से सभों के धन को काबू में कर लिया है जिसकी तलाश करो तो तुमको चोरी करने वालों की चोरी का हाल आप से आप मालूम हो जावे, परन्तु मैं इन सौदागरांन के चोरी का हाल आप लोगों को जाहिर करता हूँ सो सिर्फ इस गर्ज से करता हँन कि जो आप लोग बन्दोबस्त करोगे तो आपके बाल-बच्चों को इन सौदागरांन के राक्षसी पाप से आराम मिले, क्योंकि इन बनियों ने ऐसी अकलमंदी की है जिसका हाल मैं कई जगह आप लोगों के समझने के लिए उपर लिखे चुका हूँ, उससे कुल हाल सौदागरान का साफ-2 जाहिर होता है परन्तु अब इन्हों का इरादा ऐसा है कि जैसा मैने लिखा है, कि जब अंग्रेजों के बच्चे होंशियार होंगे और समझेंगे तो यह जानेंगे कि इन सौदागरांन ने ही हमारे बुजर्गों को धन दिया है ऐसा ख्याल करके वोह हमारे हुकम में रहेंगे और हमारे कहने को मानेंगे, इससे इन सौदागरांन ने अपनी अकलमंदी से तरह-2 की बातें पहले से चलादी है चाहे धन देवे, चाहे धन नहीं देवें; परन्तु अपनी औलाद के भले के वास्ते ऐसी-2 बातें पहले से चला दी है कि जब अंग्रेजों के बच्चे समझेंगे और उनको मालूम होगा तो अंग्रेजों के बच्चे यह जानेंगे कि हमारे बुजर्गों को इन्होंने ही धन दिया है जब हमारे पास हुआ है, जिससे हमारे बुजर्ग इन बनियों का हुमक उठाते हैं तो अब हमको भी इनका हुकम उठाना वाजिब हैं। इससे इन्होंने पहले से मतलब की बातें चला दी है कि जो हमारी बातों को सुनेंगे और उनके उपर चलेंगे तो हमारे उपर किसी तरह का नुकसान नहीं आवेगा, परन्तु इन बनियों की अकलमंदी के उपर अंग्रेजों के बच्चे भी गौर नहीं करते और अपने भलक की तलाश नहीं करते, कि हमारी विलायत में टूटा हुवा धन था वोह कहाँ गया ? कि जिसकी हम तलाश भी नहीं करते है, परन्तु इन बनियों ने अपने राक्षसी पाप से तमाम जहान के लोगों की अकल को ऐसी खराब कर दी है कि जिससे तमाम चहान के लोगों को ऐसा ही सुझता है कि जिससे अपनी विलायत के टूटे हुए धन की तलाश नहीं करते हैं और इन्हों के हुकम को मानते हैं, और यह बनिये अपने राक्षसी पाप से हमारे मुलक के धन को अपने कब्जे में कर लेंगे, जिसकी तो खबर ही नहीं पड़ने देते है; और जो कि चाँदी-सोने की खानें थी उनको तो इन बनियों ने पहले से ही अपने राक्षसी पाप के जादू से कुल राजा बादशाहों को भुला दी है कि जो यह जानते हैं कि खानें जमीन पर मौजूद ही नहीं थी। सो ऐ भाइयों, तुमको इन सौदागरांन ने अपने राक्षसी पाप के जादू से भुला रक्खा है क्योंकि जमीन माता को इन बनियों ने अपने राक्षसी पाप से बीमार कर दिया है जिससे खानें चाँदी-सोने की गल गई है, अलावा इसके इसी तरह से इन बनियों ने संसार के आदमियों को और चोपायांन और पंखेरुआंन को अपने राक्षसी पाप से बीमारी डाल के कम उमर में मार देते हैं, और कम उमर में मारने से इनका यह मतलब है कि संसार जल्द थोड़ा रह जावे और हमारी औलाद ज्यादा रह जावे, तो हम अपना राज करें; इससे मैं तुम अंग्रेजों और तमाम जहान के रजवाड़ों को इन सौदागरांन के राक्षसी पाप से वाकिफ करता फिरता हूँ परन्तु सौदागर बच्चे अपने राक्षसी पाप से उन राजा बादशाहों की अकल को फेर करके ऐसा सुझाते है कि बाबा को वहम हो गया है। खैर उस वहम के कहने का अपने दिल में कुछ ख्याल ना करके और रंज नहीं लाके दुनिया का भला होने के लिए हाथा-जोड़ी करके समझाता फिरता हूँ तो वोह समझने वाले लोग मुझको धक्के देते हैं और कही बुरा-भला कहते हैं; फिर मैं उन शख्तियों को सह करके पिछली हालातों को, कि जो रावण और हरनाकुश ने और कंश ने और कारुन बादशाह ने इन सौदागरांन की तरह से काफरी पाप चलाया था कि शनिचरजी ने और नरिसंधजीने और कुष्णजी ने और गुरुनानक ने तमाम जहान के बचने के लिए इन चारों शख्सों की चोरी को जाहिर करके दफे कराया है, या नहीं कराया है ? जो नहीं कराया है तो वोह कहो, जब तो इन बातों को सुन के सब अपनी-2 जबान से यह कहने को लग जाते हैं कि हाँ ! इन शख्सों ने तो चलाया था, सो यह बात सच है।
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